वैदिक मंत्र और पूजा का पवित्र संगम — मंत्र उच्चारण
Mantra Uccharan

वैदिक मंत्र और पूजा का
पवित्र संगम

देवी-देवताओं के मंत्र, आरती, चालीसा, मंदिर और पर्वों की संपूर्ण जानकारी — सनातन धर्म के ज्ञान का पवित्र भंडार।

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वैदिक मंत्र

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पवित्र मंदिर

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ज्योतिर्लिंग

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पर्व और त्योहार

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Mantra Jaap

प्रमुख मंत्र

वैदिक मंत्र — अर्थ, लाभ और जाप विधि सहित

शिव108x

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ मंत्र

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शिव108x

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्य

मृत्यु, रोग और संकट से रक्षा के लिए महाशक्तिशाली मंत्र

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शिव108x

शिव पंचाक्षर मंत्र

नमः शिवाय नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय

शिव जी की पंचतत्व शक्ति को जागृत करने और मोक्ष प्राप्ति के लिए

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कृष्ण108x

हरे कृष्ण महामंत्र

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे ह

कलियुग में मोक्ष और परम आनंद की प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ मंत्र

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कृष्ण108x

गोविंद नाम

ॐ गोविन्दाय नमः गोविन्द गोविन्द गोविन्द कृष्ण गोपाल गोविन्द। जय जय गो

कृष्ण के गोविंद स्वरूप की आराधना और समस्त सुखों की प्राप्ति

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विष्णु1000x

विष्णु सहस्रनाम

विश्वं विष्णुर्वषट्कारो भूतभव्यभवत्प्रभुः। भूतकृद् भूतभृद् भावो भूतात्

भगवान विष्णु के 1000 नामों का पाठ करके सर्वोच्च कृपा और मोक्ष प्राप्ति

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"सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।"

सभी सुखी हों, सभी रोग-मुक्त हों।

— ब्रिहदारण्यक उपनिषद
Shiv Dhaam

12 ज्योतिर्लिंग

भगवान शिव के बारह दिव्य तीर्थस्थल — भारत के पवित्र शैव तीर्थ

केदारनाथ मंदिर

उत्तराखंड

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च माना जाता है। यहाँ भगवान शिव त्रिकोणात्मक (पाण्डव स्वरूप के रूप में) शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। पंच केदार में से यह प्रथम केदार है।

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काशी विश्वनाथ मंदिर

उत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। काशी में मोक्ष प्राप्त करने की मान्यता है। शिव जी यहाँ विश्वेश्वर के रूप में विराजमान हैं। यहाँ मृत्यु होने पर शिव जी तारक मंत्र (राम नाम) का उपदेश देते हैं।

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सोमनाथ मंदिर

गुजरात

सोमनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है। यह अरब सागर के तट पर स्थित है। यहाँ से दक्षिण में सीधा अंटार्कटिका तक कोई भूमि नहीं है। चंद्रमा ने यहाँ तप करके शाप से मुक्ति पाई थी।

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महाकालेश्वर मंदिर

मध्य प्रदेश

महाकाल उज्जैन के अधिष्ठाता देव हैं। यह ज्योतिर्लिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है। भस्म आरती यहाँ की विश्व प्रसिद्ध परंपरा है जिसमें ताजी चिता की भस्म से शिवलिंग का श्रृंगार होता है।

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ओंकारेश्वर मंदिर

मध्य प्रदेश

ओंकारेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ एक ही स्थान पर दो ज्योतिर्लिंग हैं। आदि शंकराचार्य के गुरु गोविंद भगवत्पाद का आश्रम यहाँ था।

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भीमाशंकर मंदिर

महाराष्ट्र

भीमाशंकर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यह क्षेत्र भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आता है।

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त्र्यंबकेश्वर मंदिर

महाराष्ट्र

यह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों के मुख एक ही लिंग में विद्यमान हैं। यहाँ गोदावरी नदी का उद्गम होता है। सिंहस्थ कुंभ मेला यहाँ और नासिक में लगता है।

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वैद्यनाथ मंदिर

झारखंड

वैद्यनाथ धाम में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थित है। यहाँ 51 शक्तिपीठों में से एक भी है जहाँ माँ सती का हृदय गिरा था। इसे वैद्यनाथ धाम या बाबा धाम कहते हैं।

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नागेश्वर मंदिर

गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ शिव जी नागों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। परिसर में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति है।

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रामेश्वरम मंदिर

तमिलनाडु

रामेश्वरम चारधाम यात्रा का एक धाम है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है। यहाँ 22 तीर्थ कुंड हैं जिनमें स्नान करने का विशेष महत्व है।

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मल्लिकार्जुन मंदिर

आंध्र प्रदेश

मल्लिकार्जुन 12 ज्योतिर्लिंगों और 18 महाशक्तिपीठों में से एक होने के कारण विशेष महत्व का है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ एक साथ हैं।

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घृष्णेश्वर मंदिर

महाराष्ट्र

घृष्णेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ घृष्णेश्वर नाम से शिव जी पूजे जाते हैं। इस क्षेत्र में अनेक पुरातात्विक और धार्मिक स्थल हैं।

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Parv & Tyohar

प्रमुख पर्व

हिंदू पर्वों की पूजा विधि और महत्व

फाल्गुन (फरवरी-मार्च)

महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि वर्ष की सबसे बड़ी शिव पूजा है। इस रात जागरण और उपवास से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह तांत्रिक और योगिक साधना के लिए भी विशेष रात्रि है।

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भाद्रपद (अगस्त)

जन्माष्टमी

जन्माष्टमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है जो भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। मथुरा, वृंदावन और द्वारका में यह पर्व विशेष उत्साह से मनाया जाता है।

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आश्विन (अक्टूबर) / चैत्र (मार्च-अप्रैल)

नवरात्रि

नवरात्रि वर्ष में दो बार आती है: चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि (अक्टूबर)। शारदीय नवरात्रि अधिक प्रसिद्ध है। इन नौ दिनों में माँ के नौ स्वरूपों की पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

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भाद्रपद (अगस्त-सितंबर)

गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी 10 दिनों तक मनाई जाती है। लोकमान्य तिलक ने 1893 में इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया ताकि स्वतंत्रता संग्राम में एकता लाई जा सके। महाराष्ट्र में यह सबसे बड़ा उत्सव है।

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