महामृत्युंजय मंत्र
Mahamrityunjaya Mantra
मृत्यु, रोग और संकट से रक्षा के लिए महाशक्तिशाली मंत्र
॥ मंत्र ॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
हिंदी अर्थ
Hindi Meaning
हम तीन नेत्रों वाले (शिव जी) की पूजा करते हैं जो सुगंधित हैं और सभी जीवों का पोषण करते हैं। जैसे ककड़ी अपनी बेल से पक जाने पर अलग हो जाती है, वैसे ही हम भी मृत्यु के बंधन से मुक्त हों, न कि अमृत्व से।
English Meaning
अंग्रेज़ी अर्थ
We worship the three-eyed one (Shiva) who is fragrant and nourishes all beings. May he liberate us from death for the sake of immortality, even as the cucumber is severed from bondage to the creeper.
लाभ एवं फल
गंभीर रोगों और असाध्य बीमारियों से मुक्ति
अकाल मृत्यु से सुरक्षा
दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
मानसिक शांति और भय से मुक्ति
आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष का मार्ग
जाप विधि
How to Chant
108
जाप संख्या
Count
प्रातःकाल 4-6 बजे (ब्रह्म मुहूर्त) में, विशेषकर सोमवार को
श्रेष्ठ समय
Best Time
१०८
माला
Mala Beads
पवित्र स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा में मुँह करके बैठें। रुद्राक्ष माला पर 108 बार जप करें। रोगी के स्वास्थ्य के लिए या संकट में 11 माला (1188 बार) जप करें। जप करते समय शिव जी की छवि मन में रखें।
नियम एवं सावधानियाँ
जप से पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें
शिवलिंग पर जल अभिषेक के साथ जप करने से विशेष फल मिलता है
जप के समय ब्रह्मचर्य का पालन करें
किसी रोगी के लिए जप करते समय उसके नाम का संकल्प लें
