🛕 ज्योतिर्लिंग
रामेश्वरम मंदिर
रामेश्वरम, तमिलनाडु
इतिहास
रामेश्वरम मंदिर पंबन द्वीप पर स्थित है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम ने लंका विजय के बाद यहाँ शिवलिंग स्थापित किया था और ब्रह्महत्या (रावण वध) के पाप से मुक्ति के लिए शिव जी की पूजा की थी। हनुमान जी काशी से शिवलिंग लेकर आए और यही रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग बना।
महत्व
रामेश्वरम चारधाम यात्रा का एक धाम है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है। यहाँ 22 तीर्थ कुंड हैं जिनमें स्नान करने का विशेष महत्व है।
वास्तुकला
मंदिर द्रविड़ शैली में निर्मित है। इसका गलियारा विश्व का सबसे लंबा मंदिर गलियारा (1200 मीटर) है। मंदिर में 1000 स्तंभों वाला विशाल मंडप है।
