12 ज्योतिर्लिंग
केदारनाथ मंदिर
उत्तराखंड
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च माना जाता है। यहाँ भगवान शिव त्रिकोणात्मक (पाण्डव स्वरूप के रूप में) शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। पंच केदार में से यह प्रथम केदार है।
दर्शन करें →02🛕काशी विश्वनाथ मंदिर
उत्तर प्रदेश
काशी विश्वनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। काशी में मोक्ष प्राप्त करने की मान्यता है। शिव जी यहाँ विश्वेश्वर के रूप में विराजमान हैं। यहाँ मृत्यु होने पर शिव जी तारक मंत्र (राम नाम) का उपदेश देते हैं।
दर्शन करें →03🛕सोमनाथ मंदिर
गुजरात
सोमनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है। यह अरब सागर के तट पर स्थित है। यहाँ से दक्षिण में सीधा अंटार्कटिका तक कोई भूमि नहीं है। चंद्रमा ने यहाँ तप करके शाप से मुक्ति पाई थी।
दर्शन करें →04🛕महाकालेश्वर मंदिर
मध्य प्रदेश
महाकाल उज्जैन के अधिष्ठाता देव हैं। यह ज्योतिर्लिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है। भस्म आरती यहाँ की विश्व प्रसिद्ध परंपरा है जिसमें ताजी चिता की भस्म से शिवलिंग का श्रृंगार होता है।
दर्शन करें →05🛕ओंकारेश्वर मंदिर
मध्य प्रदेश
ओंकारेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ एक ही स्थान पर दो ज्योतिर्लिंग हैं। आदि शंकराचार्य के गुरु गोविंद भगवत्पाद का आश्रम यहाँ था।
दर्शन करें →06🛕भीमाशंकर मंदिर
महाराष्ट्र
भीमाशंकर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यह क्षेत्र भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आता है।
दर्शन करें →07🛕त्र्यंबकेश्वर मंदिर
महाराष्ट्र
यह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों के मुख एक ही लिंग में विद्यमान हैं। यहाँ गोदावरी नदी का उद्गम होता है। सिंहस्थ कुंभ मेला यहाँ और नासिक में लगता है।
दर्शन करें →08🛕वैद्यनाथ मंदिर
झारखंड
वैद्यनाथ धाम में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थित है। यहाँ 51 शक्तिपीठों में से एक भी है जहाँ माँ सती का हृदय गिरा था। इसे वैद्यनाथ धाम या बाबा धाम कहते हैं।
दर्शन करें →09🛕नागेश्वर मंदिर
गुजरात
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ शिव जी नागों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। परिसर में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति है।
दर्शन करें →10🛕रामेश्वरम मंदिर
तमिलनाडु
रामेश्वरम चारधाम यात्रा का एक धाम है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है। यहाँ 22 तीर्थ कुंड हैं जिनमें स्नान करने का विशेष महत्व है।
दर्शन करें →11🛕मल्लिकार्जुन मंदिर
आंध्र प्रदेश
मल्लिकार्जुन 12 ज्योतिर्लिंगों और 18 महाशक्तिपीठों में से एक होने के कारण विशेष महत्व का है। यह एकमात्र स्थान है जहाँ ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ एक साथ हैं।
दर्शन करें →12🛕घृष्णेश्वर मंदिर
महाराष्ट्र
घृष्णेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ घृष्णेश्वर नाम से शिव जी पूजे जाते हैं। इस क्षेत्र में अनेक पुरातात्विक और धार्मिक स्थल हैं।
दर्शन करें →प्रसिद्ध मंदिर
तिरुपति बालाजी मंदिर
तिरुमाला, तिरुपति, आंध्र प्रदेश
तिरुपति बालाजी 108 वैष्णव दिव्यदेशों में सर्वोच्च है। यहाँ प्रतिदिन 50,000-100,000 श्रद्धालु आते हैं। मंदिर की वार्षिक आय हजारों करोड़ रुपए है।
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वृंदावन धाम
वृंदावन, उत्तर प्रदेश
वृंदावन को भारत का सबसे पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है। यहाँ बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, राधा वल्लभ मंदिर और 5000 से अधिक मंदिर हैं।
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मथुरा – कृष्ण जन्मभूमि
मथुरा, उत्तर प्रदेश
मथुरा सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक है। यहाँ कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के अलावा द्वारकाधीश मंदिर, गोवर्धन पर्वत और बरसाना (राधा जी का जन्मस्थान) भी दर्शनीय हैं।
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अयोध्या – राम जन्मभूमि
अयोध्या, उत्तर प्रदेश
अयोध्या राम भक्तों के लिए सर्वोच्च तीर्थस्थल है। यहाँ सरयू में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। नवनिर्मित राम मंदिर भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल हो गया है।
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सिद्धिविनायक मंदिर
प्रभादेवी, मुंबई, महाराष्ट्र
सिद्धिविनायक मंदिर में गणेश जी की सूंड दाहिनी ओर है जो अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है। यहाँ मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। मंगलवार और गणेश चतुर्थी पर लाखों भक्त आते हैं।
और जानें →अष्टविनायक तीर्थ
पुणे और आसपास, महाराष्ट्र
अष्टविनायक की यात्रा करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह यात्रा महाराष्ट्र का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक सर्किट है।
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वैष्णो देवी मंदिर
कटरा, त्रिकूट पर्वत, जम्मू एवं कश्मीर
वैष्णो देवी में माँ महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती तीन पिंडियों के रूप में विराजमान हैं। यह उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थल है जहाँ प्रतिवर्ष लाखों भक्त आते हैं।
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कामाख्या मंदिर
गुवाहाटी, नीलाचल पर्वत, असम
कामाख्या मंदिर तांत्रिक साधना का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। आंबुवाची मेला (जून में) यहाँ का प्रमुख उत्सव है जब देवी रजस्वला होती हैं और मंदिर 3 दिन बंद रहता है। यहाँ की माँ भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी करती हैं।
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सालासर बालाजी मंदिर
सालासर, चुरू, राजस्थान
सालासर बालाजी राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक है। यहाँ बालाजी की दाढ़ी-मूँछ वाली मूर्ति अनोखी और चमत्कारी मानी जाती है। मंगलवार और शनिवार को लाखों भक्त आते हैं।
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मेंहदीपुर बालाजी मंदिर
मेंहदीपुर, दौसा, राजस्थान
मेंहदीपुर बालाजी नकारात्मक शक्तियों, भूत-प्रेत और तांत्रिक बाधाओं से मुक्ति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ ग्रसित व्यक्तियों का उपचार होता है। लाखों पीड़ित श्रद्धालु यहाँ आकर मुक्ति पाते हैं।
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