
🛕 ज्योतिर्लिंग
त्र्यंबकेश्वर मंदिर
त्र्यंबकेश्वर, नासिक, महाराष्ट्र
इतिहास
त्र्यंबकेश्वर मंदिर नासिक से 28 किमी दूर ब्रह्मगिरि पर्वत के पास गोदावरी नदी के उद्गम स्थल पर स्थित है। पेशवा बालाजी बाजीराव ने 1755 में इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया। यहाँ कुशावर्त तीर्थ में गोदावरी का उद्गम होता है।
महत्व
यह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों के मुख एक ही लिंग में विद्यमान हैं। यहाँ गोदावरी नदी का उद्गम होता है। सिंहस्थ कुंभ मेला यहाँ और नासिक में लगता है।
वास्तुकला
मंदिर हेमाडपंथी वास्तुशैली में काले पत्थरों से निर्मित है। मंदिर का शिखर बेहद ऊँचा है। गर्भगृह में त्रिमुखी ज्योतिर्लिंग स्थापित है।
