लक्ष्मी

लक्ष्मी चालीसा

Lakshmi Chalisa

लाभ एवं फल

धन-सम्पदा और आर्थिक समृद्धिघर में खुशहाली और सुख-शांतिऋण से मुक्ति और व्यापार में सफलतासौभाग्य और वैवाहिक सुखमाँ लक्ष्मी की कृपा और स्थायी निवास

अर्थ

लक्ष्मी चालीसा माँ लक्ष्मी की महिमा का गुणगान करती है। दीपावली पर इसका पाठ धन-समृद्धि और सौभाग्य लाता है।

📿

चालीसा पाठ

॥ दोहा ॥
मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्ध करि, पुरवहु मेरी आस॥

॥ चालीसा ॥
सिन्धु सुता मैं सुमिरौं तोही।
ज्ञान बुद्धि विद्या दो मोही॥१॥

तुम समान नहिं कोई उपकारी।
सब विधि पूर्ण करो मम मनमारी॥२॥

जय जय जय लक्ष्मी भवानी।
सब में व्यापत तुम गुण खानी॥३॥

तुम्हीं जगज्जननी जग माता।
तुम में जगत का पोषण ख्याता॥४॥

विष्णु प्रिया विष्णु की रानी।
देव बोलावें जन कल्याणी॥५॥

कनकधारा स्तोत्र जो गावे।
लक्ष्मी तुरत प्रसन्न हो जावे॥६॥

जो कोई शुक्रवार को पूजे।
सो नर धन-सम्पदा खूब पाए॥७॥

दीपावली में पूजन करके।
भक्त पाते वैभव घर में॥८॥

ऋण मुक्ति हो जाए तेरे भक्त की।
आर्थिक उन्नति हो जीवन में॥९॥

जय माँ लक्ष्मी जय माँ राधे।
भक्तों के सब संकट काटे॥१०॥

॥ दोहा ॥
चालीसा लक्ष्मी जी का, पाठ करे जो कोय।
धन सम्पत्ति घर में बढ़े, दुख दारिद्र न होय॥

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