चैत्र (मार्च-अप्रैल)

राम नवमी

Ram Navami

कथा

चैत्र माह की शुक्ल पक्ष नवमी को अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहाँ भगवान राम का जन्म हुआ था। उस दिन कर्क लग्न में मध्याह्न के समय राम जी का जन्म हुआ। उनके जन्म के समय पाँचों ग्रह अपनी उच्च राशियों में थे। राम जी के जन्म से अयोध्या नगरी में खुशी की लहर दौड़ गई।

महत्व

राम नवमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन उपवास, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन करने से विशेष पुण्य मिलता है। राम जी के आदर्शों को याद करने का यह दिन है।

पूजा विधि

  1. उपवास रखें

  2. प्रातःकाल स्नान करके राम जी की पूजा करें

  3. रामचरितमानस का पाठ करें

  4. राम नाम का जप करें

  5. राम जी को तुलसी, कमल और पंचामृत अर्पित करें

  6. रात्रि में राम कथा और भजन-कीर्तन का आयोजन करें

  7. अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर उपवास खोलें

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