महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र
Mahishasura Mardini Stotra
माँ दुर्गा की असुर नाशक शक्ति का आह्वान और नकारात्मकता का नाश
॥ मंत्र ॥
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते। भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते त्रिभुवनपोषिणि शंकरतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते। दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥
हिंदी अर्थ
Hindi Meaning
हे पर्वत पुत्री! हे पृथ्वी को आनंद देने वाली! हे विश्व का विनोद करने वाली! आपने हिमालय और विंध्याचल पर्वत पर निवास किया। हे महिषासुर का वध करने वाली! हे सुंदर जटाधारी! हे शैलपुत्री! आपकी जय हो।
English Meaning
अंग्रेज़ी अर्थ
Hail to the daughter of the mountains! You who brings joy to the earth and the universe, who resides on the peaks of Vindhya and Himalaya. Victory, Victory to the slayer of Mahishasura, the beautiful one with matted hair, daughter of the mountain.
लाभ एवं फल
महाबली शत्रुओं और असुरी शक्तियों का नाश
साहस और वीरता का संचार
देवी की परम कृपा और आशीर्वाद
पारिवारिक और सामाजिक शत्रुओं से मुक्ति
आत्मशक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि
जाप विधि
How to Chant
21
जाप संख्या
Count
नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी को
श्रेष्ठ समय
Best Time
१०८
माला
Mala Beads
माँ दुर्गा के मंदिर में या घर में देवी की तस्वीर के सामने शुद्ध मन से पाठ करें। इस स्तोत्र के 21 श्लोक हैं, प्रत्येक श्लोक 3 बार पढ़ें।
नियम एवं सावधानियाँ
नवरात्रि में प्रतिदिन पाठ करें
स्नान करके लाल वस्त्र पहनें
माँ दुर्गा को लाल फूल और अगरबत्ती अर्पित करें
पाठ के बाद दुर्गा कवच का पाठ करें
